
गुरुवार, 30 जून, 2005 को प्रकाशित
भारत में एक उफान की तरह शुरू हुए कॉलसेंटर व्यवसाय में गुणवत्ता तो है मगर गोपनीयता बनाए रखने के लिए थोड़ी निगरानी की ज़रुरत है. साथ ही मौजुदा क़ानून के बारे में कर्मचारियों में बेहतर समझ विकसित करना भी ज़रुरी है. भारतीय कॉलसेंटर के कर्मचारियों में उत्साह तो बहुत देखा जाता है. इसी अनुपात में यदि उनमें ज़िम्मेदारियों का अहसास भी जोड़ने में कामयाबी मिल गई तो भविष्य में न सिर्फ ग्राहकों और कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि भारतीय बीपीओ उद्योग नई ऊचाइयाँ तय करेगा. शशि सिंह, मुम्बई
Thursday, June 30, 2005
कॉल सेंटर की निगरानी कैसे हो?
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