
सोमवार, 30 मई, 2005 को प्रकाशित
प्रधानमंत्री का यह बयान सौ फ़ीसदी सही है. कश्मीर के बीच की सीमा को अर्थहीन बनाना ही कश्मीर समस्या का सबसे बेहतर समाधान होगा, क्योंकि तब न रहेगा बांस न बजेगी बांसूरी. मेरी दुआ है कि अगर हम इसी तरह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब हम 1947 की कड़वी यादों को भूलाकर जर्मनी के इतिहास को दोहराएँगे. शशि सिंह, मुम्बई
Monday, May 30, 2005
क्या आप भारतीय प्रधानमंत्री से सहमत हैं?
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